कफ निकालने के लिए नेचुरोपैथी: सर्दी-जुकाम के कारण बलगम जमा होने पर आजमाएं ये 3 प्राकृतिक उपाय

Jan 20, 2022

सर्दियों में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) कमजोर हो जाती है। यही वजह है कि सर्दियां शुरू होते ही लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में शामिल हैं सर्दी जुकाम, खांसी और छाती में बलगम जमा होना। सर्दी के मौसम में छाती या गले में बलगम जमने की समस्या काफी आम है, इससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा इस दौरान नाक बहना, बुखार आना, लगातार छींक, छाती में दर्द या जकड़न महसूस होना और खांसी के साथ बलगम आना भी शामिल हैं। अगर आप भी सर्दियों में सर्दी-खांसी, जुकाम और बलगम की समस्या से परेशान हैं, तो कुछ उपाय आजमा सकते हैं। इससे आपके फेफड़ो, गले और सीने में जमा सारा बलगम आसानी से निकल जाएगा।

कफ निकालने के लिए नेचुरोपैथी (naturopathy for cough removal )

अधिकतर लोग सीने में जमा कफ निकालने के लिए एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करते हैं। कुछ लोग इसके लिए प्राणायाम, तो कुछ घरेलू उपायों को भी आजमाते हैं। आज हम आपको कफ निकालने के लिए 3 ऐसे नेचुरोपैथी उपाय बता रहे हैं, जिन्हें आसानी से घर पर किया जा सकता है।

1. जल नेति क्रिया (neti kriya is a cleaning exercise)

नेति क्रिया क्या है? नेति क्रिया जल द्वारा किया जाने वाली एक क्रिया है। इससे नासिका या नैजल ट्रैक की अच्छे से सफाई हो जाती है। सर्दियों नेति क्रिया करने से गले, नाक में जमा बलगम आसानी से निकल जाता है। जल नेति क्रिया करने के लिए सबसे पहले पानी लें। इसमें आप सेंधा नमक भी डाल सकते हैं। इसके लिए एक तरफ की नासिका में पानी डाला जाता है। और दूसरी नासिका से निकाला जाता है। इस क्रिया को करने के लिए एक खास पात्र की जरूरत होती है। जानें नेति क्रिया की विधि-

नेति क्रिया करने के लिए गर्दन को तिरछी रखें और मुंह से सांस लें।
पात्र की माध्यम से पानी को दाईं नासिका में डालें और बाईं नासिका से बाहर निकालें।
इसके बाद बाईं नासिका में पानी डालें और दाईं नासिका से बाहर निकालें।
इस क्रिया का अभ्यास करने से सर्दी, जुकाम और एलर्जी में आराम मिलता है।
इससे गले, नाक और सीने में जमा बलगम भी आसानी से निकल जाता है।
इन क्रिया को करते समय नाक से सांस बिल्कुल न लें। इससे पानी दिमाग में जा सकता है।
2. कुंजल क्रिया कैसे करें (kunjal kriya)
सर्दियों में कुंजल क्रिया करना भी लाभकारी होता है। कुंजल पानी से की जाने वाली हठयोग की क्रिया है। इसे खाली पेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में पानी पीकर, उसे बाहर निकालना होता है। कुंजल क्रिया करने से गले से लेकर आमाशय की सफाई होती है। कुंजल क्रिया करने से पेट के रोग दूर होते हैं। इस क्रिया को करने से वात, पित्त और कफ सभी प्रकृति के लोगों को लाभ मिलता है। जानें कुंजल क्रिया की विधि-

कुंजल क्रिया करने के लिए सबसे सूर्योदय से पहले का समय बेस्ट होता है।

इस क्रिया को करने के लिए सबसे पहले 5-6 गिलास गुनगुना पानी पिएं। आप चाहें तो इसमें नमक भी मिला सकते हैं।

अब अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लें। 90 डिग्री का कोण बनाते हुए आगे की तरफ झुक जाएं।

अब बाया हाथ पेट पर रखें। दाएं हाथ की तर्जनी और मध्यमा उंगुलियों को जीभ के पिछले हिस्से पर घुमाएं।

इस दौरान आपको उल्टी महसूस होगी और सारा पानी बाहर निकल जाएगा।

यह प्रक्रिया तब तक करें, जब तक सारा पानी बाहर न निकल जाए।